ब्राउजर सेफ्टी में सेंध का खतरा शुरू ही इंटरनेट ब्राउजिंग के साथ होता है|
तीन तरह के रिस्क सबसे ज्यादा है मैलवेयर, फिशिंग और प्राइवेसी पर अटैक|
जाहिर है सेफ ब्राउजिंग बेहद अहम् होती है|
इंटरनेट एक्सप्लोरर पर कई बरसों से सवाल उठते रहे हैं कि वह आपके ऑपरेटिंग
सिस्टम से कनेक्ट होता है इसलिए उस पर हमले से नुकसान का डर भी सबसे
ज्यादा होता है|
लेकिन अब इंटरनेट एक्सप्लोरर के नए वर्जन आईई-8 ने कहानी पलट दी है|
वायरस टेस्टिंग की सबसे प्रतिष्ठित एनएसएस लैब की रिपोर्ट के मुताबिक आई
ई-८ मैलवेयर अटैक को पकड़ने में फायरफ़ॉक्स के मुकाबले ३गुना और क्रोम
के मुकाबले 10 गुना आगे निकला| फिशिंग को पहचानने में टक्कर कड़ी रही,
एक्सप्लोरर 8 ने कांटे की टक्कर में फायरफ़ॉक्स को हराया, क्रोम के मुकाबले
वह 3 गुना और सफारी ब्राउजर से 40 गुना ज्यादा आगे रहा| सिक्युरिटी फर्म सेंजिक
की स्टडी के बाद सामने आई सबसे सेफ ब्राउजर की लिस्ट में भी आईई-8 (इंटरनेट
एक्सप्लोरर 8 ) सबसे आगे रहा है| इसके बाद एप्पल का सफारी आता है|
तो अपने इंटरनेट एक्सप्लोरर 6 को अपडेट कीजिये|
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